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Monday, 9 May 2016

 ● अकसर महिलाओं और पुरुषों में टांगों का दर्द देखा जाता है। महिलाओं में इस दर्द का मुख्य कारण है बहुत देर तक रसोई में काम करना, कपड़े धोना, मधुमेह, हाई हील की चप्पलें पहनना और अधिक चलना। वहीं पुरुषों में इसके मुख्य कारण है कुर्सी में पैर लटकाकर बैठना, अधिक गाड़ी चलाना, ज्यादा खड़ा रहना, सख्त तलवों के जूते पहना आदि।

उक्त तकलीफ वाले मरीजों के लिए योगासन के साथ ही दर्द से छुटकारा पाने के लिए जीवन शैली में आवश्यक बदलाव लाना भी जरूरी है। ऐसे मरीजों के लिए प्रस्तुत हैं मात्र तीन आसन। उक्त आसनों को नियमित करने से लाभ मिलेगा।

》 दर्द, थकान और तनाव से मुक्ति पाने के लिए कारगर उपाय है Legs मसाज
1) दर्द में राहत
मसाज से दर्द में राहत मिलती है। मसाज थेरेपी प्राकृतिक दर्द निवारक का काम करती है, जिससे मांसपेशियों को राहत मिलती है और रक्‍त संचार बेहतर होता है। यदि आपको टांगों दर्द की शिकायत है तो आप मसाज का सहारा ले सकते हैं।
2) सूजन कम होती है
यदि आपके Legs के किसी हिस्‍से में लंबे समय से सूजन है तो मसाज कराना इसमें फायदेमंद साबित हो सकता है। मसाज से शरीर के 
सूजन वाले हिस्‍से की नसों पर दबाव बढ़ता है और सूजन कम होती है।
3) त्‍वचा में रंगत
त्‍वचा की खोई हुई रंगत मसाज से वापस आ सकती है और आप पहले से ज्‍यादा सुंदर लगने लगती हैं। मसाज से legs की वसा कम होती है और ग्रंथियां सही तरीके से काम करती हैं। जिससे आपकी त्‍वचा साफ, शुष्‍क और हाइड्रेटिड बनती है।
4) गहरी नींद में सहायक
अच्‍छी नींद हर किसी को नसीब नहीं होती। बहुत से लोगों को रात में गहरी नींद न आने या अनिंद्रा की शिकायत होती है। यदि आप नियमित रूप से Legs & Feet मसाज कराते हैं तो आपको रात में चैन की नींद आएगी। भरपूर नींद से याद्दाश्‍त मजबूत होती है और पाचन तंत्र सही ढ़ंग से काम करता है। जिसका असर सेहत पर भी पड़ता है।


》 Yoga Asan For Legs Pain 

1) दंडासन -
दीवार से पीठ लगाकर बैठ जाएं, कूल्हे पूरी तरह से दीवार से स्पर्श करें। घुटने व टांगें सीधे करके बैठ जाएं। योग बेल्ट की मदद से पांव के पंजे अपनी ओर खींचें। इस आसन को दस से पंद्रह मिनट करें, बीच में थकान महसूस होने पर पांव ढीले छोड़ें।

2) पादांगुठासन -
पलंग या जमीन पर लेट कर दोनों टांगें सीधी कर लें। दोनों टांगें अपनी ओर खींचें। योग बेल्ट की मदद से टांग को सीधा ऊपर उठाएं। घुटना सीधा व पांव का पंजा अपनी ओर खींच कर रखें। आसन को लगभग एक से तीन मिनट के लिए रोकें। आसन को करते समय सांस न रोकें।

3) पद्मासन-
यह आसन बैठकर किया जाता है। पहले पैर लंबे कर आपस में सटा लें फिर बाएं हाथ से दाएं पैर का अंगूठा पकड़कर दाहिने पैर को बाएं पैर की जंघा पर रख दें। फिर बाएं पैर को ऊपर की दाहिनी जंघा पर स्थापित करें। ‍तब दोनों हाथ की कलाइयां घुटनों पर सीधी रखें। दोनों हाथ अंगूठे के पास वाली अंगुली अंगूठे से मिलाएं, बाकी तीन अंगुलियां सीधी रखें। आंखें बंद तथा रीढ़ की हड्डी सीधी रखें। गर्दन सीधी तथा नासाग्र दृष्टि बनाए रखें अथवा भृकुटी पर चित्त को एकाग्र करें। यह समस्त दुर्भावनाओं का विनाशक पद्मासन कहा जाता है।

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